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Name difference in Policy & in Bank Account
Posted by:V.K. sharma, March - 09 - 2021

भारतीय जीवन बीमा निगम की पॉलिसी के अंदर कहीं पर भी यदि नाम में गलती है मतलब यह की पॉलिसी बांड के ऊपर लिखा हुआ नाम और बैंक पासबुक या चेक के ऊपर लिखा हुआ नाम दोनों में किसी तरह का भी अंतर है जैसे सरनेम नहीं है या फिर स्पेलिंग में कोई अंतर है तो यदि आपको अपनी पॉलिसी सरेंडर करनी है या मैच्योरिटी लेनी है या फिर उसका मनी बैक आना है तो आपका बैंक आपकी पॉलिसी से केवल तभी लिंक हो सकता है जब आप आपकी पॉलिसी बांड के अंदर और अपने बैंक मैं लिखे हुए नाम को बिल्कुल एक जैसा करवा के एलआईसी में जमा कराएंगे

इसके लिए ₹10 के स्टैंप पेपर के ऊपर कस्टमर को यह लिखवा कर देना पड़ेगा कि जो नाम उसके बैंक अकाउंट में है और जो नाम उसकी एलआईसी पॉलिसी बांड पर लिखा हुआ है वह दोनों एक ही रहती हैं भारत के नागरिक हैं आदि

इसमें बिल्कुल भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है कि मैटर क्या लिखवाना है जब आप उस व्यक्ति के पास जाएंगे जो स्टांप पेपर में डील करता है और उसे यह बात बताएंगे तो उसके पास एक फॉर्मेट होता है और उसे यह बात भली-भांति पता होती है तो आपको कोई समस्या नहीं आएगी

ध्यान देने वाली बात यह है कि इस स्टांप पेपर याने की एफिडेविट को नोटरी से या फिर oath कमिश्नर से अटेस्ट भी करवाना है जब यह डॉक्यूमेंट रेडी हो जाए उसके बाद ही एलआईसी में आप अपने डॉक्यूमेंट जमा कराएं

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V.K. sharma

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